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Sixteenth Loksabha

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title: Demand to rehabilitate the people residing at the railway land in Mumbai.

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) :  माननीय सभापति महोदय, बहुत‑बहुत धन्यवाद, क्योंकि आपने मुझे बोलने का अवसर दिया है। हमारा एक महत्वपूर्ण विषय है, हमारे मुम्बई में मध्य रेलवे का कार्यालय एवं कारशेड है, वहां पर मैकेनिक अप्रेंटिस को ट्रेंनिग दी जाती है।  वहां पर एक छात्र निवास है, यह अंग्रेजों के जमाने की बिल्डिंग है, अब ऐसा लगता है कि यह कभी भी गिर सकती है। इसी क्षेत्र में 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, जो वर्ष 1995 से पहले की बनी हुई हैं।  इस पुरानी बिल्डिंग के गिरने की डर से झुग्गी‑झोपड़ी में रहने वालों को वहां से निकालने की बात हो रही है। मेरा आपके माध्यम से सरकार से विनती है कि रेलवे के जमीन पर जो ये 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, इनमें रहने वालों का पुनर्वांस सही ढंग से जल्दी से जल्दी करने का प्रयास किया जाए।

माननीय सभापति :   

 

श्री कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) :  माननीय सभापति महोदय, बहुत‑बहुत धन्यवाद, क्योंकि आपने मुझे बोलने का अवसर दिया है। हमारा एक महत्वपूर्ण विषय है, हमारे मुम्बई में मध्य रेलवे का कार्यालय एवं कारशेड है, वहां पर मैकेनिक अप्रेंटिस को ट्रेंनिग दी जाती है।  वहां पर एक छात्र निवास है, यह अंग्रेजों के जमाने की बिल्डिंग है, अब ऐसा लगता है कि यह कभी भी गिर सकती है। इसी क्षेत्र में 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, जो वर्ष 1995 से पहले की बनी हुई हैं।  इस पुरानी बिल्डिंग के गिरने की डर से झुग्गी‑झोपड़ी में रहने वालों को वहां से निकालने की बात हो रही है। मेरा आपके माध्यम से सरकार से विनती है कि रेलवे के जमीन पर जो ये 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, इनमें रहने वालों का पुनर्वांस सही ढंग से जल्दी से जल्दी करने का प्रयास किया जाए।

माननीय सभापति :   

 

श्री कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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title: Demand to rehabilitate the people residing at the railway land in Mumbai.

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) :  माननीय सभापति महोदय, बहुत‑बहुत धन्यवाद, क्योंकि आपने मुझे बोलने का अवसर दिया है। हमारा एक महत्वपूर्ण विषय है, हमारे मुम्बई में मध्य रेलवे का कार्यालय एवं कारशेड है, वहां पर मैकेनिक अप्रेंटिस को ट्रेंनिग दी जाती है।  वहां पर एक छात्र निवास है, यह अंग्रेजों के जमाने की बिल्डिंग है, अब ऐसा लगता है कि यह कभी भी गिर सकती है। इसी क्षेत्र में 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, जो वर्ष 1995 से पहले की बनी हुई हैं।  इस पुरानी बिल्डिंग के गिरने की डर से झुग्गी‑झोपड़ी में रहने वालों को वहां से निकालने की बात हो रही है। मेरा आपके माध्यम से सरकार से विनती है कि रेलवे के जमीन पर जो ये 75 से अधिक झुग्गी‑झोपड़ियां हैं, इनमें रहने वालों का पुनर्वांस सही ढंग से जल्दी से जल्दी करने का प्रयास किया जाए।

माननीय सभापति :   

 

श्री कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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