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Sixteenth Loksabha

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Title:    Regarding the impact on mankind due to climate change.

 

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title:    Regarding the impact on mankind due to climate change.

 

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title:    Regarding the impact on mankind due to climate change.

 

श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री अरविंद सावंत (मुम्बई दक्षिण) : अध्यक्ष महोदया, मैंने एक अति गंभीर विषय पर ध्यानाक­र्षण प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपकी अनुमति से मुझे शून्य प्रहर में बोलने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।

          महोदया, दुनियाभर में क्लाइमेट चेंज की वजह से बहुत असर हो रहा है। हमने देखा कि अभी दिल्ली में गर्मी हो गई, फिर ठंड हो गई और बाद में बारिश हो गई। कल कश्मीर में बारिश हुई है, बाढ़ आई है और पूरी दुनिया में मौसम में बदलाव आया है। अल गौर साहब ने 25 साल पहले अर्थ इन दि बैलेंस वीडियो बनाई। उसके बाद सारी दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित हुआ। इसके बाद पैरिस एग्रीमेंट हुआ और कहा गया कि जिस दिन दो डिग्री तापमान दुनिया का बढ़ेगा, तो दुनिया विनाश की तरफ जाएगी। आज हम देख रहे हैं कि वर्ष 2016 में 1.1 डिग्री तापमान बढ़ चुका है और इसे सबसे गर्म साल कहा जा रहा है। आपने पढ़ा होगा कि महाराष्ट्र में महाढ़ के नजदीक भीरा गांव है, वहां 47.5 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था और इस वजह से वहां काजू के पेड़ जल गए। ऐसी स्थिति में मैं आपके माध्यम से चाहता हूं कि हमारे बच्चों को इस विषय में शिक्षा दी जाए, सिविल सर्वेंट्स में जागरुकता फैलाई जाए और एक खास चर्चा सदन में कराई जाए, ताकि इस दिशा में हम कुछ अच्छा कर सकें।

           मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस विषय पर चर्चा हो और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं।

माननीय अध्यक्ष  :  श्री ओम बिरला, कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री रामकुमार कुशवाहा, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र, श्री श्रीरंग आप्पा बारणे और श्री राहुल शेवाले को श्री अरविंद सावंत द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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