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Sixteenth Loksabha

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Title: Need to allocate funds for construction of sanctioned railway line projects in Maharashtra.

 

श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर) ः महाराष्ट्र राज्य का अभी भी काफी हिस्सा ऐसा है, जो अत्यधिक पिछड़ा हुआ है और रेल सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण क्षेत्र का सर्वांगीण विकास नहीं हो पा रहा है और न ही इन क्षेत्रों के लोग राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ पा रहे हैं।

          महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में रेल वंचित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु वहां पर रेल सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की पहल करते हुए रेलवे निर्माण लागत की 40 से 50 प्रतिशत राशि वहन किये जाने का निर्णय लिया है, जो स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित धनावंटन न मिलने की वजह से राज्य में स्वीकृत रेल निर्माण की गति बहुत ही धीमी है।

          महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत जो 8 नई रेलवे लाइन स्वीकृत की गई हैं, उनमें से तीन रेलवे लाइन अहमदनगर-बीड-परली-वैजनाथ, वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ एवं वडसा-देसाईगंज-आरमोरी-गड़चिरौली, जो नक्सल एरिया स्पेशल एक्शन प्लान के तहत है, का कार्यान्वयन चल रहा है, लेकिन बाकी शेष पांच रेलवे लाइन, जो केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत तो कर दी गई है, उनके क्रियान्वयन हेतु अब तक धन का आवंटन नहीं किया गया है।

          मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह महाराष्ट्र राज्य में निर्माणाधीन तीन रेलवे लाइन और बाकी स्वीकृत 5 रेलवे लाइन के निर्माण हेतु शीघ्र धन का आवंटन करने का कष्ट करें ताकि राज्य में रेलवे लाइन का निर्माण कार्य गति पकड़ सके।


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Title: Need to allocate funds for construction of sanctioned railway line projects in Maharashtra.

 

श्री गोपाल शेट्टी (मुम्बई उत्तर) ः महाराष्ट्र राज्य का अभी भी काफी हिस्सा ऐसा है, जो अत्यधिक पिछड़ा हुआ है और रेल सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण क्षेत्र का सर्वांगीण विकास नहीं हो पा रहा है और न ही इन क्षेत्रों के लोग राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ पा रहे हैं।

          महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में रेल वंचित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु वहां पर रेल सुविधायें उपलब्ध कराये जाने की पहल करते हुए रेलवे निर्माण लागत की 40 से 50 प्रतिशत राशि वहन किये जाने का निर्णय लिया है, जो स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित धनावंटन न मिलने की वजह से राज्य में स्वीकृत रेल निर्माण की गति बहुत ही धीमी है।

          महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत जो 8 नई रेलवे लाइन स्वीकृत की गई हैं, उनमें से तीन रेलवे लाइन अहमदनगर-बीड-परली-वैजनाथ, वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ एवं वडसा-देसाईगंज-आरमोरी-गड़चिरौली, जो नक्सल एरिया स्पेशल एक्शन प्लान के तहत है, का कार्यान्वयन चल रहा है, लेकिन बाकी शेष पांच रेलवे लाइन, जो केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत तो कर दी गई है, उनके क्रियान्वयन हेतु अब तक धन का आवंटन नहीं किया गया है।

          मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह महाराष्ट्र राज्य में निर्माणाधीन तीन रेलवे लाइन और बाकी स्वीकृत 5 रेलवे लाइन के निर्माण हेतु शीघ्र धन का आवंटन करने का कष्ट करें ताकि राज्य में रेलवे लाइन का निर्माण कार्य गति पकड़ सके।


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