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Sixteenth Loksabha

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Title: Request to open colleges in NCR under Delhi University to admit more students.

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : महोदय, आपने दिल्ली के नौजवान 12वीं कक्षा पास करने वाले बच्चों के सैंस्टिव इश्यू पर मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका आभारी हूं।

          महोदय, दिल्ली यूनिवर्सिटी में कटआफ लिस्ट 90 परसेंट से ज्यादा होती है। दिल्ली के डेढ़ से दो करोड़ तक की आबादी में जो बच्चे पढ़ते हैं, उनका दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं हो पाता है। हर छात्र अपने अच्छे भविष्य का सपना देखता है और चाहता है कि वह यूनिवर्सिटी में दाखिला ले। अच्छे परीक्षा परिणाम के बावजूद भी उनका दाखिला इच्छानुसार कालेज में न हो पाना के दर्द दिल्ली के छात्रों के चेहरे पर झलकता है और इनसे कम अंक लाने वाले छात्रों की व्यथा को आसानी से समझा जा सकता है। इसी हाई कटआफ के कारण छात्रों को ऐसे विषय या ऐसे कालेज में दाखिला लेना पड़ता है, जहां न तो विषय उनकी पसंद का होता है और न ही कालेज उनकी पसंद का होता है। उन्हें साल भर दूसरे क्षेत्रों में भी ऑप्शन ट्राई करते रहना पड़ता है। प्राइवेट कालेजों की महंगी फीस देना माता-पिता की मजबूरी होती है, जहां न तो पढ़ाई अच्छी होती है और न ही जॉब की गारंटी होती है। दिल्ली छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल पाए, इसके लिए 12वीं में 70 से 80 परसेंट तक नम्बर लाने वाले छात्रों को किसी भी अच्छे कालेज में दाखिला नहीं मिलता है।

          महोदय, मेरा आपके माध्यम से निवेदन है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कालेज के रूप में एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा में खोलने का दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रयास करे। हर राज्य की एक यूनिवर्सिटी होती है। दिल्ली के छात्रों के पढ़ने के लिए भी एक यूनिवर्सिटी होनी चाहिए।

माननीय सभापति : 

 

कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल और

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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Title: Request to open colleges in NCR under Delhi University to admit more students.

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : महोदय, आपने दिल्ली के नौजवान 12वीं कक्षा पास करने वाले बच्चों के सैंस्टिव इश्यू पर मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका आभारी हूं।

          महोदय, दिल्ली यूनिवर्सिटी में कटआफ लिस्ट 90 परसेंट से ज्यादा होती है। दिल्ली के डेढ़ से दो करोड़ तक की आबादी में जो बच्चे पढ़ते हैं, उनका दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं हो पाता है। हर छात्र अपने अच्छे भविष्य का सपना देखता है और चाहता है कि वह यूनिवर्सिटी में दाखिला ले। अच्छे परीक्षा परिणाम के बावजूद भी उनका दाखिला इच्छानुसार कालेज में न हो पाना के दर्द दिल्ली के छात्रों के चेहरे पर झलकता है और इनसे कम अंक लाने वाले छात्रों की व्यथा को आसानी से समझा जा सकता है। इसी हाई कटआफ के कारण छात्रों को ऐसे विषय या ऐसे कालेज में दाखिला लेना पड़ता है, जहां न तो विषय उनकी पसंद का होता है और न ही कालेज उनकी पसंद का होता है। उन्हें साल भर दूसरे क्षेत्रों में भी ऑप्शन ट्राई करते रहना पड़ता है। प्राइवेट कालेजों की महंगी फीस देना माता-पिता की मजबूरी होती है, जहां न तो पढ़ाई अच्छी होती है और न ही जॉब की गारंटी होती है। दिल्ली छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल पाए, इसके लिए 12वीं में 70 से 80 परसेंट तक नम्बर लाने वाले छात्रों को किसी भी अच्छे कालेज में दाखिला नहीं मिलता है।

          महोदय, मेरा आपके माध्यम से निवेदन है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कालेज के रूप में एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा में खोलने का दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रयास करे। हर राज्य की एक यूनिवर्सिटी होती है। दिल्ली के छात्रों के पढ़ने के लिए भी एक यूनिवर्सिटी होनी चाहिए।

माननीय सभापति : 

 

कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल और

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : महोदय, आपने दिल्ली के नौजवान 12वीं कक्षा पास करने वाले बच्चों के सैंस्टिव इश्यू पर मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका आभारी हूं।

          महोदय, दिल्ली यूनिवर्सिटी में कटआफ लिस्ट 90 परसेंट से ज्यादा होती है। दिल्ली के डेढ़ से दो करोड़ तक की आबादी में जो बच्चे पढ़ते हैं, उनका दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं हो पाता है। हर छात्र अपने अच्छे भविष्य का सपना देखता है और चाहता है कि वह यूनिवर्सिटी में दाखिला ले। अच्छे परीक्षा परिणाम के बावजूद भी उनका दाखिला इच्छानुसार कालेज में न हो पाना के दर्द दिल्ली के छात्रों के चेहरे पर झलकता है और इनसे कम अंक लाने वाले छात्रों की व्यथा को आसानी से समझा जा सकता है। इसी हाई कटआफ के कारण छात्रों को ऐसे विषय या ऐसे कालेज में दाखिला लेना पड़ता है, जहां न तो विषय उनकी पसंद का होता है और न ही कालेज उनकी पसंद का होता है। उन्हें साल भर दूसरे क्षेत्रों में भी ऑप्शन ट्राई करते रहना पड़ता है। प्राइवेट कालेजों की महंगी फीस देना माता-पिता की मजबूरी होती है, जहां न तो पढ़ाई अच्छी होती है और न ही जॉब की गारंटी होती है। दिल्ली छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल पाए, इसके लिए 12वीं में 70 से 80 परसेंट तक नम्बर लाने वाले छात्रों को किसी भी अच्छे कालेज में दाखिला नहीं मिलता है।

          महोदय, मेरा आपके माध्यम से निवेदन है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कालेज के रूप में एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा में खोलने का दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रयास करे। हर राज्य की एक यूनिवर्सिटी होती है। दिल्ली के छात्रों के पढ़ने के लिए भी एक यूनिवर्सिटी होनी चाहिए।

माननीय सभापति : 

 

कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल और

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : महोदय, आपने दिल्ली के नौजवान 12वीं कक्षा पास करने वाले बच्चों के सैंस्टिव इश्यू पर मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका आभारी हूं।

          महोदय, दिल्ली यूनिवर्सिटी में कटआफ लिस्ट 90 परसेंट से ज्यादा होती है। दिल्ली के डेढ़ से दो करोड़ तक की आबादी में जो बच्चे पढ़ते हैं, उनका दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं हो पाता है। हर छात्र अपने अच्छे भविष्य का सपना देखता है और चाहता है कि वह यूनिवर्सिटी में दाखिला ले। अच्छे परीक्षा परिणाम के बावजूद भी उनका दाखिला इच्छानुसार कालेज में न हो पाना के दर्द दिल्ली के छात्रों के चेहरे पर झलकता है और इनसे कम अंक लाने वाले छात्रों की व्यथा को आसानी से समझा जा सकता है। इसी हाई कटआफ के कारण छात्रों को ऐसे विषय या ऐसे कालेज में दाखिला लेना पड़ता है, जहां न तो विषय उनकी पसंद का होता है और न ही कालेज उनकी पसंद का होता है। उन्हें साल भर दूसरे क्षेत्रों में भी ऑप्शन ट्राई करते रहना पड़ता है। प्राइवेट कालेजों की महंगी फीस देना माता-पिता की मजबूरी होती है, जहां न तो पढ़ाई अच्छी होती है और न ही जॉब की गारंटी होती है। दिल्ली छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल पाए, इसके लिए 12वीं में 70 से 80 परसेंट तक नम्बर लाने वाले छात्रों को किसी भी अच्छे कालेज में दाखिला नहीं मिलता है।

          महोदय, मेरा आपके माध्यम से निवेदन है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कालेज के रूप में एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा में खोलने का दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रयास करे। हर राज्य की एक यूनिवर्सिटी होती है। दिल्ली के छात्रों के पढ़ने के लिए भी एक यूनिवर्सिटी होनी चाहिए।

माननीय सभापति : 

 

कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल और

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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