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Sixteenth Loksabha

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Title: Issues related to the problems of onion growers in Maharashtra.

श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, यह अनुमान है कि एक किसान प्याज की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 62,600 रुपये खर्च करता है, जिससे लगभग 9,000 किलोग्राम प्याज का उत्पादन होता है, जबकि उसे दो रुपये प्रति किलो की अल्प राशि मिलती है, जो प्रति एकड़ 18,000 रुपये से अधिक नहीं होती है।…(व्यवधान) यह बेहद अकल्पनीय है और किसानों के साथ बहुत अन्याय है।…(व्यवधान) उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार चली जाती है।…(व्यवधान) उसके पास आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं होता है।…(व्यवधान) सरकार ने खेती में होने वाले उच्च व्यय को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद मूल्य को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।…(व्यवधान) भारत सरकार के पास इस सम्बन्ध में कोई दीर्घकालीन नीति नहीं है।…(व्यवधान) इसलिए सरकार को इन गरीब किसानों की तत्काल आधार पर सहायता करनी चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Issues related to the problems of onion growers in Maharashtra.

श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, यह अनुमान है कि एक किसान प्याज की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 62,600 रुपये खर्च करता है, जिससे लगभग 9,000 किलोग्राम प्याज का उत्पादन होता है, जबकि उसे दो रुपये प्रति किलो की अल्प राशि मिलती है, जो प्रति एकड़ 18,000 रुपये से अधिक नहीं होती है।…(व्यवधान) यह बेहद अकल्पनीय है और किसानों के साथ बहुत अन्याय है।…(व्यवधान) उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार चली जाती है।…(व्यवधान) उसके पास आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं होता है।…(व्यवधान) सरकार ने खेती में होने वाले उच्च व्यय को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद मूल्य को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।…(व्यवधान) भारत सरकार के पास इस सम्बन्ध में कोई दीर्घकालीन नीति नहीं है।…(व्यवधान) इसलिए सरकार को इन गरीब किसानों की तत्काल आधार पर सहायता करनी चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

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माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

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          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

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श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, यह अनुमान है कि एक किसान प्याज की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 62,600 रुपये खर्च करता है, जिससे लगभग 9,000 किलोग्राम प्याज का उत्पादन होता है, जबकि उसे दो रुपये प्रति किलो की अल्प राशि मिलती है, जो प्रति एकड़ 18,000 रुपये से अधिक नहीं होती है।…(व्यवधान) यह बेहद अकल्पनीय है और किसानों के साथ बहुत अन्याय है।…(व्यवधान) उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार चली जाती है।…(व्यवधान) उसके पास आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं होता है।…(व्यवधान) सरकार ने खेती में होने वाले उच्च व्यय को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद मूल्य को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।…(व्यवधान) भारत सरकार के पास इस सम्बन्ध में कोई दीर्घकालीन नीति नहीं है।…(व्यवधान) इसलिए सरकार को इन गरीब किसानों की तत्काल आधार पर सहायता करनी चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

…(व्यवधान)

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Title: Issues related to the problems of onion growers in Maharashtra.

श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, यह अनुमान है कि एक किसान प्याज की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 62,600 रुपये खर्च करता है, जिससे लगभग 9,000 किलोग्राम प्याज का उत्पादन होता है, जबकि उसे दो रुपये प्रति किलो की अल्प राशि मिलती है, जो प्रति एकड़ 18,000 रुपये से अधिक नहीं होती है।…(व्यवधान) यह बेहद अकल्पनीय है और किसानों के साथ बहुत अन्याय है।…(व्यवधान) उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार चली जाती है।…(व्यवधान) उसके पास आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं होता है।…(व्यवधान) सरकार ने खेती में होने वाले उच्च व्यय को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद मूल्य को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।…(व्यवधान) भारत सरकार के पास इस सम्बन्ध में कोई दीर्घकालीन नीति नहीं है।…(व्यवधान) इसलिए सरकार को इन गरीब किसानों की तत्काल आधार पर सहायता करनी चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Issues related to the problems of onion growers in Maharashtra.

श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव (शिरूर): आदरणीय स्पीकर मैडम, मैं महाराष्ट्र के किसानों से संबंधित एक गम्भीर मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। …(व्यवधान) पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान नियमित रूप से प्याज की खेती कर रहे हैं।…(व्यवधान) वे उनकी फसल के लिए उन्हें मिलने वाले मूल्य पर पूरी तरह निर्भर हैं।…(व्यवधान) पिछले कई महीनों से इन गरीब किसानों को अपनी खेती में किए गए निवेश का कुछ प्रतिशत भी नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) किसान आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को अपना गुस्सा दिखाने के लिए अपने उत्पादों को सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं।…(व्यवधान) यह सरकार द्वारा उचित विपणन और अन्य आवश्यक उपायों की कमी के कारण हो रहा है।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, यह अनुमान है कि एक किसान प्याज की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 62,600 रुपये खर्च करता है, जिससे लगभग 9,000 किलोग्राम प्याज का उत्पादन होता है, जबकि उसे दो रुपये प्रति किलो की अल्प राशि मिलती है, जो प्रति एकड़ 18,000 रुपये से अधिक नहीं होती है।…(व्यवधान) यह बेहद अकल्पनीय है और किसानों के साथ बहुत अन्याय है।…(व्यवधान) उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार चली जाती है।…(व्यवधान) उसके पास आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं होता है।…(व्यवधान) सरकार ने खेती में होने वाले उच्च व्यय को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद मूल्य को बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।…(व्यवधान) भारत सरकार के पास इस सम्बन्ध में कोई दीर्घकालीन नीति नहीं है।…(व्यवधान) इसलिए सरकार को इन गरीब किसानों की तत्काल आधार पर सहायता करनी चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम स्पीकर, मैं आपके माध्यम से सरकार से यह अनुरोध करना चाहता हूं कि सरकार को किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए उचित और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।…(व्यवधान) इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद के बाद, जो कि प्रचलित दरों से अधिक होनी चाहिए, अर्थात् निजी क्षेत्र की मदद से कम से कम 15 लाख टन प्याज के एक महीने के स्टॉक का बफर स्टॉक करना चाहिए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: श्री अरविंद सावंत, श्री नारणभाई काछड़िया, श्री गजानन कीर्तिकर, श्री आनंदराव अडसुल, श्री विनायक भाऊराव राऊत, श्री राजन विचारे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री सदाशिव लोखंडे, प्रो. रविन्द्र विश्वनाथ गायकवाड़ एवं श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री आधलराव पाटील शिवाजीराव द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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