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Sixteenth Loksabha

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Title: Regarding issue of Old Age Pension in Delhi Government.

 

 

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली): महोदया, आपने एक बहुत सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने का मुझे मौका दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।…(व्यवधान)

          मैडम, एक तरफ देश के प्रधान मंत्री जी ने सत्यापन की व्यवस्था को खत्म किया है।…(व्यवधान) हम अपने देश के लोगों पर विश्वास करें और अपने किसी भी कागज़ात का नेताओं से सत्यापन न कराएं।…(व्यवधान) एक तरफ देश के प्रधान मंत्री ने कहा है किआयुष्यमान योजनासे हर गरीब का इलाज होना चाहिए और दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगों के पेंशन में, जिसका हर साल एक करोड़ रुपये का बजट होता है और उसमें केन्द्र की निधि भी शामिल होती है, उसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट की सिफारिश पर दिव्यांगों को जो पेंशन दी जाती है, उसे बंद कर दिया गया है।…(व्यवधान)

केवल एक एम.एल.. 500 लोगों को पेंशन दिलवा सकता है।…(व्यवधान) लेकिन निगम पार्षद और एम.पी. अपने द्वारा सर्टिफाई करने के बावजूद पेंशन नहीं दिलवा सकते हैं।…(व्यवधान) हमारे यहां जो दिव्यांग रहते हैं, जो बुजुर्ग रोते हैं, उनको ओल्डएज पेंशन नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मना कर दिया है, इसलिए मैं इसमें इन्टर्वेन्शन नहीं करना चाहता हूं।…(व्यवधान) मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि केन्द्र की सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री इस पर ध्यान दे।…(व्यवधान)

          मैडम, यह बहुत सेंसिटव मामला है।…(व्यवधान) हम जैसे एम.पी. के कहने के बावजूद भी पेंशन का फॉर्म रिजेक्ट किया जा रहा है।…(व्यवधान) उन्होंने दफ्तरों के अंदर एम.एल.. को बैठा दिया है।…(व्यवधान) ऐसी राजनीति जो *कर रहे हैं, उसके लिए केन्द्र से ऐसा संदेश जाना चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम, आपने मुझे बोलने के लिए मौका दिया, इसलिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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Title: Regarding issue of Old Age Pension in Delhi Government.

 

 

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली): महोदया, आपने एक बहुत सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने का मुझे मौका दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।…(व्यवधान)

          मैडम, एक तरफ देश के प्रधान मंत्री जी ने सत्यापन की व्यवस्था को खत्म किया है।…(व्यवधान) हम अपने देश के लोगों पर विश्वास करें और अपने किसी भी कागज़ात का नेताओं से सत्यापन न कराएं।…(व्यवधान) एक तरफ देश के प्रधान मंत्री ने कहा है किआयुष्यमान योजनासे हर गरीब का इलाज होना चाहिए और दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगों के पेंशन में, जिसका हर साल एक करोड़ रुपये का बजट होता है और उसमें केन्द्र की निधि भी शामिल होती है, उसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट की सिफारिश पर दिव्यांगों को जो पेंशन दी जाती है, उसे बंद कर दिया गया है।…(व्यवधान)

केवल एक एम.एल.. 500 लोगों को पेंशन दिलवा सकता है।…(व्यवधान) लेकिन निगम पार्षद और एम.पी. अपने द्वारा सर्टिफाई करने के बावजूद पेंशन नहीं दिलवा सकते हैं।…(व्यवधान) हमारे यहां जो दिव्यांग रहते हैं, जो बुजुर्ग रोते हैं, उनको ओल्डएज पेंशन नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मना कर दिया है, इसलिए मैं इसमें इन्टर्वेन्शन नहीं करना चाहता हूं।…(व्यवधान) मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि केन्द्र की सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री इस पर ध्यान दे।…(व्यवधान)

          मैडम, यह बहुत सेंसिटव मामला है।…(व्यवधान) हम जैसे एम.पी. के कहने के बावजूद भी पेंशन का फॉर्म रिजेक्ट किया जा रहा है।…(व्यवधान) उन्होंने दफ्तरों के अंदर एम.एल.. को बैठा दिया है।…(व्यवधान) ऐसी राजनीति जो *कर रहे हैं, उसके लिए केन्द्र से ऐसा संदेश जाना चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम, आपने मुझे बोलने के लिए मौका दिया, इसलिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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Title: Regarding issue of Old Age Pension in Delhi Government.

 

 

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली): महोदया, आपने एक बहुत सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने का मुझे मौका दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।…(व्यवधान)

          मैडम, एक तरफ देश के प्रधान मंत्री जी ने सत्यापन की व्यवस्था को खत्म किया है।…(व्यवधान) हम अपने देश के लोगों पर विश्वास करें और अपने किसी भी कागज़ात का नेताओं से सत्यापन न कराएं।…(व्यवधान) एक तरफ देश के प्रधान मंत्री ने कहा है किआयुष्यमान योजनासे हर गरीब का इलाज होना चाहिए और दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगों के पेंशन में, जिसका हर साल एक करोड़ रुपये का बजट होता है और उसमें केन्द्र की निधि भी शामिल होती है, उसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट की सिफारिश पर दिव्यांगों को जो पेंशन दी जाती है, उसे बंद कर दिया गया है।…(व्यवधान)

केवल एक एम.एल.. 500 लोगों को पेंशन दिलवा सकता है।…(व्यवधान) लेकिन निगम पार्षद और एम.पी. अपने द्वारा सर्टिफाई करने के बावजूद पेंशन नहीं दिलवा सकते हैं।…(व्यवधान) हमारे यहां जो दिव्यांग रहते हैं, जो बुजुर्ग रोते हैं, उनको ओल्डएज पेंशन नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मना कर दिया है, इसलिए मैं इसमें इन्टर्वेन्शन नहीं करना चाहता हूं।…(व्यवधान) मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि केन्द्र की सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री इस पर ध्यान दे।…(व्यवधान)

          मैडम, यह बहुत सेंसिटव मामला है।…(व्यवधान) हम जैसे एम.पी. के कहने के बावजूद भी पेंशन का फॉर्म रिजेक्ट किया जा रहा है।…(व्यवधान) उन्होंने दफ्तरों के अंदर एम.एल.. को बैठा दिया है।…(व्यवधान) ऐसी राजनीति जो *कर रहे हैं, उसके लिए केन्द्र से ऐसा संदेश जाना चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम, आपने मुझे बोलने के लिए मौका दिया, इसलिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली): महोदया, आपने एक बहुत सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने का मुझे मौका दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।…(व्यवधान)

          मैडम, एक तरफ देश के प्रधान मंत्री जी ने सत्यापन की व्यवस्था को खत्म किया है।…(व्यवधान) हम अपने देश के लोगों पर विश्वास करें और अपने किसी भी कागज़ात का नेताओं से सत्यापन न कराएं।…(व्यवधान) एक तरफ देश के प्रधान मंत्री ने कहा है किआयुष्यमान योजनासे हर गरीब का इलाज होना चाहिए और दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगों के पेंशन में, जिसका हर साल एक करोड़ रुपये का बजट होता है और उसमें केन्द्र की निधि भी शामिल होती है, उसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट की सिफारिश पर दिव्यांगों को जो पेंशन दी जाती है, उसे बंद कर दिया गया है।…(व्यवधान)

केवल एक एम.एल.. 500 लोगों को पेंशन दिलवा सकता है।…(व्यवधान) लेकिन निगम पार्षद और एम.पी. अपने द्वारा सर्टिफाई करने के बावजूद पेंशन नहीं दिलवा सकते हैं।…(व्यवधान) हमारे यहां जो दिव्यांग रहते हैं, जो बुजुर्ग रोते हैं, उनको ओल्डएज पेंशन नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मना कर दिया है, इसलिए मैं इसमें इन्टर्वेन्शन नहीं करना चाहता हूं।…(व्यवधान) मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि केन्द्र की सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री इस पर ध्यान दे।…(व्यवधान)

          मैडम, यह बहुत सेंसिटव मामला है।…(व्यवधान) हम जैसे एम.पी. के कहने के बावजूद भी पेंशन का फॉर्म रिजेक्ट किया जा रहा है।…(व्यवधान) उन्होंने दफ्तरों के अंदर एम.एल.. को बैठा दिया है।…(व्यवधान) ऐसी राजनीति जो *कर रहे हैं, उसके लिए केन्द्र से ऐसा संदेश जाना चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम, आपने मुझे बोलने के लिए मौका दिया, इसलिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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Title: Regarding issue of Old Age Pension in Delhi Government.

 

 

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली): महोदया, आपने एक बहुत सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने का मुझे मौका दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।…(व्यवधान)

          मैडम, एक तरफ देश के प्रधान मंत्री जी ने सत्यापन की व्यवस्था को खत्म किया है।…(व्यवधान) हम अपने देश के लोगों पर विश्वास करें और अपने किसी भी कागज़ात का नेताओं से सत्यापन न कराएं।…(व्यवधान) एक तरफ देश के प्रधान मंत्री ने कहा है किआयुष्यमान योजनासे हर गरीब का इलाज होना चाहिए और दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगों के पेंशन में, जिसका हर साल एक करोड़ रुपये का बजट होता है और उसमें केन्द्र की निधि भी शामिल होती है, उसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट की सिफारिश पर दिव्यांगों को जो पेंशन दी जाती है, उसे बंद कर दिया गया है।…(व्यवधान)

केवल एक एम.एल.. 500 लोगों को पेंशन दिलवा सकता है।…(व्यवधान) लेकिन निगम पार्षद और एम.पी. अपने द्वारा सर्टिफाई करने के बावजूद पेंशन नहीं दिलवा सकते हैं।…(व्यवधान) हमारे यहां जो दिव्यांग रहते हैं, जो बुजुर्ग रोते हैं, उनको ओल्डएज पेंशन नहीं मिल रहा है।…(व्यवधान) मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मना कर दिया है, इसलिए मैं इसमें इन्टर्वेन्शन नहीं करना चाहता हूं।…(व्यवधान) मैडम, मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि केन्द्र की सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री इस पर ध्यान दे।…(व्यवधान)

          मैडम, यह बहुत सेंसिटव मामला है।…(व्यवधान) हम जैसे एम.पी. के कहने के बावजूद भी पेंशन का फॉर्म रिजेक्ट किया जा रहा है।…(व्यवधान) उन्होंने दफ्तरों के अंदर एम.एल.. को बैठा दिया है।…(व्यवधान) ऐसी राजनीति जो *कर रहे हैं, उसके लिए केन्द्र से ऐसा संदेश जाना चाहिए।…(व्यवधान)

          मैडम, आपने मुझे बोलने के लिए मौका दिया, इसलिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष: कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल, श्री शरद त्रिपाठी और श्री भैरों प्रसाद मिश्र को श्री रमेश बिधूड़ी  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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