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Sixteenth Loksabha

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Title: Regarding the issue related to the leprosy patients who are unable to get Aadhar Card.

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे (मावल): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे शून्य काल में चौथी बार बोलने का अवसर मिला है। मैं कुष्ठ रोगियों के बारे में कहना चाहता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इसलिए मैं आपको बोलने के लिए समय दे रही हूं।

…(व्यवधान)

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे : दुनिया के कुल रोगियों में से 60 प्रतिशत केवल भारत में हैं।…(व्यवधान) विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अपने हाल ही के रिपोर्ट में बताया है कि  दुनिया में दो लाख से अधिक लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं।…(व्यवधान)  भारत ने वर्ष 2001 में यह दावा किया था कि देश से कुष्ठ रोग पूरी तरह समाप्त होगा, लेकिन देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।…(व्यवधान)  

          महोदया, आधार कार्ड के लिए हाथ की उंगलियों और अंगूठे का निशान आवश्यक है।…(व्यवधान) इसके बिना आधार कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है। …(व्यवधान) कुष्ठ रोगी आधार कार्ड्स बनाने में असमर्थ हैं।…(व्यवधान) उनके आधार कार्ड्स नहीं बनते हैं।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के संबंध में केन्द्र की ओर से इसमें कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) आधार कार्ड्स के बिना राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं से लाखों कुष्ठ रोगी वंचित रहते हैं। …(व्यवधान) उनको जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।…(व्यवधान) दुनिया के 60 प्रतिशत कुष्ठ रोगी हमारे देश में हैं।…(व्यवधान) डिजिटल एवं अन्य सभी योजनाएं बनाते और लागू करते समय कुष्ठ रोगियों की अनदेखी की जा रही है।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के आधार कार्ड्स नहीं बनने के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि  यह केन्द्रीय योजना है और इसमें कुष्ठ रोगियों के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) ऐसे दिव्यांगों, जिनके दोनों हाथ या आंख नहीं है, उन्हें आधार कार्ड्स बनाने में परेशानी आती है।…(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि इस ओर आवश्यक ध्यान दे कर, उनके लिए गाइडलाइन बनाइ जाए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   श्री अरविंद सावंत, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री राहुल शेवाले, श्री . टी. नाना पाटील, श्रीमती सुप्रिया सुले और श्री गजानन कीर्तिकर को श्री श्रीरंग आप्पा बारणे  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Regarding the issue related to the leprosy patients who are unable to get Aadhar Card.

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे (मावल): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे शून्य काल में चौथी बार बोलने का अवसर मिला है। मैं कुष्ठ रोगियों के बारे में कहना चाहता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इसलिए मैं आपको बोलने के लिए समय दे रही हूं।

…(व्यवधान)

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे : दुनिया के कुल रोगियों में से 60 प्रतिशत केवल भारत में हैं।…(व्यवधान) विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अपने हाल ही के रिपोर्ट में बताया है कि  दुनिया में दो लाख से अधिक लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं।…(व्यवधान)  भारत ने वर्ष 2001 में यह दावा किया था कि देश से कुष्ठ रोग पूरी तरह समाप्त होगा, लेकिन देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।…(व्यवधान)  

          महोदया, आधार कार्ड के लिए हाथ की उंगलियों और अंगूठे का निशान आवश्यक है।…(व्यवधान) इसके बिना आधार कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है। …(व्यवधान) कुष्ठ रोगी आधार कार्ड्स बनाने में असमर्थ हैं।…(व्यवधान) उनके आधार कार्ड्स नहीं बनते हैं।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के संबंध में केन्द्र की ओर से इसमें कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) आधार कार्ड्स के बिना राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं से लाखों कुष्ठ रोगी वंचित रहते हैं। …(व्यवधान) उनको जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।…(व्यवधान) दुनिया के 60 प्रतिशत कुष्ठ रोगी हमारे देश में हैं।…(व्यवधान) डिजिटल एवं अन्य सभी योजनाएं बनाते और लागू करते समय कुष्ठ रोगियों की अनदेखी की जा रही है।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के आधार कार्ड्स नहीं बनने के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि  यह केन्द्रीय योजना है और इसमें कुष्ठ रोगियों के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) ऐसे दिव्यांगों, जिनके दोनों हाथ या आंख नहीं है, उन्हें आधार कार्ड्स बनाने में परेशानी आती है।…(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि इस ओर आवश्यक ध्यान दे कर, उनके लिए गाइडलाइन बनाइ जाए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   श्री अरविंद सावंत, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री राहुल शेवाले, श्री . टी. नाना पाटील, श्रीमती सुप्रिया सुले और श्री गजानन कीर्तिकर को श्री श्रीरंग आप्पा बारणे  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री श्रीरंग आप्पा बारणे (मावल): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे शून्य काल में चौथी बार बोलने का अवसर मिला है। मैं कुष्ठ रोगियों के बारे में कहना चाहता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इसलिए मैं आपको बोलने के लिए समय दे रही हूं।

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श्री श्रीरंग आप्पा बारणे : दुनिया के कुल रोगियों में से 60 प्रतिशत केवल भारत में हैं।…(व्यवधान) विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अपने हाल ही के रिपोर्ट में बताया है कि  दुनिया में दो लाख से अधिक लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं।…(व्यवधान)  भारत ने वर्ष 2001 में यह दावा किया था कि देश से कुष्ठ रोग पूरी तरह समाप्त होगा, लेकिन देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।…(व्यवधान)  

          महोदया, आधार कार्ड के लिए हाथ की उंगलियों और अंगूठे का निशान आवश्यक है।…(व्यवधान) इसके बिना आधार कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है। …(व्यवधान) कुष्ठ रोगी आधार कार्ड्स बनाने में असमर्थ हैं।…(व्यवधान) उनके आधार कार्ड्स नहीं बनते हैं।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के संबंध में केन्द्र की ओर से इसमें कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) आधार कार्ड्स के बिना राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं से लाखों कुष्ठ रोगी वंचित रहते हैं। …(व्यवधान) उनको जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।…(व्यवधान) दुनिया के 60 प्रतिशत कुष्ठ रोगी हमारे देश में हैं।…(व्यवधान) डिजिटल एवं अन्य सभी योजनाएं बनाते और लागू करते समय कुष्ठ रोगियों की अनदेखी की जा रही है।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के आधार कार्ड्स नहीं बनने के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि  यह केन्द्रीय योजना है और इसमें कुष्ठ रोगियों के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) ऐसे दिव्यांगों, जिनके दोनों हाथ या आंख नहीं है, उन्हें आधार कार्ड्स बनाने में परेशानी आती है।…(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि इस ओर आवश्यक ध्यान दे कर, उनके लिए गाइडलाइन बनाइ जाए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   श्री अरविंद सावंत, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री राहुल शेवाले, श्री . टी. नाना पाटील, श्रीमती सुप्रिया सुले और श्री गजानन कीर्तिकर को श्री श्रीरंग आप्पा बारणे  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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श्री श्रीरंग आप्पा बारणे (मावल): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे शून्य काल में चौथी बार बोलने का अवसर मिला है। मैं कुष्ठ रोगियों के बारे में कहना चाहता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इसलिए मैं आपको बोलने के लिए समय दे रही हूं।

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श्री श्रीरंग आप्पा बारणे : दुनिया के कुल रोगियों में से 60 प्रतिशत केवल भारत में हैं।…(व्यवधान) विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अपने हाल ही के रिपोर्ट में बताया है कि  दुनिया में दो लाख से अधिक लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं।…(व्यवधान)  भारत ने वर्ष 2001 में यह दावा किया था कि देश से कुष्ठ रोग पूरी तरह समाप्त होगा, लेकिन देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।…(व्यवधान)  

          महोदया, आधार कार्ड के लिए हाथ की उंगलियों और अंगूठे का निशान आवश्यक है।…(व्यवधान) इसके बिना आधार कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है। …(व्यवधान) कुष्ठ रोगी आधार कार्ड्स बनाने में असमर्थ हैं।…(व्यवधान) उनके आधार कार्ड्स नहीं बनते हैं।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के संबंध में केन्द्र की ओर से इसमें कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) आधार कार्ड्स के बिना राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं से लाखों कुष्ठ रोगी वंचित रहते हैं। …(व्यवधान) उनको जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।…(व्यवधान) दुनिया के 60 प्रतिशत कुष्ठ रोगी हमारे देश में हैं।…(व्यवधान) डिजिटल एवं अन्य सभी योजनाएं बनाते और लागू करते समय कुष्ठ रोगियों की अनदेखी की जा रही है।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के आधार कार्ड्स नहीं बनने के संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि  यह केन्द्रीय योजना है और इसमें कुष्ठ रोगियों के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) ऐसे दिव्यांगों, जिनके दोनों हाथ या आंख नहीं है, उन्हें आधार कार्ड्स बनाने में परेशानी आती है।…(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि इस ओर आवश्यक ध्यान दे कर, उनके लिए गाइडलाइन बनाइ जाए।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष :   श्री अरविंद सावंत, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, श्री राहुल शेवाले, श्री . टी. नाना पाटील, श्रीमती सुप्रिया सुले और श्री गजानन कीर्तिकर को श्री श्रीरंग आप्पा बारणे  द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Regarding the issue related to the leprosy patients who are unable to get Aadhar Card.

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे (मावल): माननीय अध्यक्ष जी, मुझे शून्य काल में चौथी बार बोलने का अवसर मिला है। मैं कुष्ठ रोगियों के बारे में कहना चाहता हूं।…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इसलिए मैं आपको बोलने के लिए समय दे रही हूं।

…(व्यवधान)

श्री श्रीरंग आप्पा बारणे : दुनिया के कुल रोगियों में से 60 प्रतिशत केवल भारत में हैं।…(व्यवधान) विश्व स्वास्थ्य संस्था ने अपने हाल ही के रिपोर्ट में बताया है कि  दुनिया में दो लाख से अधिक लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं।…(व्यवधान)  भारत ने वर्ष 2001 में यह दावा किया था कि देश से कुष्ठ रोग पूरी तरह समाप्त होगा, लेकिन देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।…(व्यवधान)  

          महोदया, आधार कार्ड के लिए हाथ की उंगलियों और अंगूठे का निशान आवश्यक है।…(व्यवधान) इसके बिना आधार कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है। …(व्यवधान) कुष्ठ रोगी आधार कार्ड्स बनाने में असमर्थ हैं।…(व्यवधान) उनके आधार कार्ड्स नहीं बनते हैं।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के संबंध में केन्द्र की ओर से इसमें कोई गाइडलाइन नहीं है।…(व्यवधान) आधार कार्ड्स के बिना राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं से लाखों कुष्ठ रोगी वंचित रहते हैं। …(व्यवधान) उनको जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।…(व्यवधान) दुनिया के 60 प्रतिशत कुष्ठ रोगी हमारे देश में हैं।…(व्यवधान) डिजिटल एवं अन्य सभी योजनाएं बनाते और लागू करते समय कुष्ठ रोगियों की अनदेखी की जा रही है।…(व्यवधान) कुष्ठ रोगियों के आधार कार्ड्स नहीं बनने के संबंध