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Sixteenth Loksabha

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Title: Regarding construction of sewer lines in unauthorized colonies of Delhi.

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : धन्यवाद माननीय अध्यक्ष जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया है।

          मैडम, मैं आपके माध्यम से अपनी बात रखता हूं । दिल्ली में 30 लाख लोग अनाधिकृत बस्तियों में रहते हैं। वे नारकीय जीवन जी रहे हैं। दिल्ली के अंदर 48 हजार करोड़ रुपये का फंड है। वर्ष 2014 में जब केंद्र में माननीय मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तो दिल्ली में किस का शासन लागू था? उन 9 महीनों के दौरान जल बोर्ड के माध्यम से 1,20,000 हजार करोड़ रुपये अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ की सीवर के लिए सैंक्शन कराया गया था । दिल्ली के मुख्यमंत्री इन अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ में पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं हैं। जब लोग वहां जाकर उनसे कहते हैं, तो वे बार-बार कहते हैं कि केंद्र सरकार मेरे काम को रोक रही है। मैडम, वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के चेयरपर्सन हैं। आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि शहरी विकास मंत्रालय इस मामले में ऑनरेबल लैफ्टिनेंट गवर्नर को इंटरफेयर करने की इजाज़त दे। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के माध्यम से इंटरफेयरेंस कर ही रहे हैं। 30 लाख लोग दिल्ली के अनार्की मुख्यमंत्री के कारण नारकीय जीवन जी रहे हैं। उन कॉलोनियों में न पानी है, न पानी की निकासी है, न सीवर का काम चल रहा है। मैडम, इस तरफ ध्यान दिलवाया जाए। आपने मुझे बोलने का मौका दिया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं

श्री शरद त्रिपाठी को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान  की जाती है।

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Title: Regarding construction of sewer lines in unauthorized colonies of Delhi.

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : धन्यवाद माननीय अध्यक्ष जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया है।

          मैडम, मैं आपके माध्यम से अपनी बात रखता हूं । दिल्ली में 30 लाख लोग अनाधिकृत बस्तियों में रहते हैं। वे नारकीय जीवन जी रहे हैं। दिल्ली के अंदर 48 हजार करोड़ रुपये का फंड है। वर्ष 2014 में जब केंद्र में माननीय मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तो दिल्ली में किस का शासन लागू था? उन 9 महीनों के दौरान जल बोर्ड के माध्यम से 1,20,000 हजार करोड़ रुपये अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ की सीवर के लिए सैंक्शन कराया गया था । दिल्ली के मुख्यमंत्री इन अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ में पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं हैं। जब लोग वहां जाकर उनसे कहते हैं, तो वे बार-बार कहते हैं कि केंद्र सरकार मेरे काम को रोक रही है। मैडम, वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के चेयरपर्सन हैं। आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि शहरी विकास मंत्रालय इस मामले में ऑनरेबल लैफ्टिनेंट गवर्नर को इंटरफेयर करने की इजाज़त दे। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के माध्यम से इंटरफेयरेंस कर ही रहे हैं। 30 लाख लोग दिल्ली के अनार्की मुख्यमंत्री के कारण नारकीय जीवन जी रहे हैं। उन कॉलोनियों में न पानी है, न पानी की निकासी है, न सीवर का काम चल रहा है। मैडम, इस तरफ ध्यान दिलवाया जाए। आपने मुझे बोलने का मौका दिया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं

श्री शरद त्रिपाठी को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान  की जाती है।

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Title: Regarding construction of sewer lines in unauthorized colonies of Delhi.

श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : धन्यवाद माननीय अध्यक्ष जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया है।

          मैडम, मैं आपके माध्यम से अपनी बात रखता हूं । दिल्ली में 30 लाख लोग अनाधिकृत बस्तियों में रहते हैं। वे नारकीय जीवन जी रहे हैं। दिल्ली के अंदर 48 हजार करोड़ रुपये का फंड है। वर्ष 2014 में जब केंद्र में माननीय मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तो दिल्ली में किस का शासन लागू था? उन 9 महीनों के दौरान जल बोर्ड के माध्यम से 1,20,000 हजार करोड़ रुपये अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ की सीवर के लिए सैंक्शन कराया गया था । दिल्ली के मुख्यमंत्री इन अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ में पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं हैं। जब लोग वहां जाकर उनसे कहते हैं, तो वे बार-बार कहते हैं कि केंद्र सरकार मेरे काम को रोक रही है। मैडम, वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के चेयरपर्सन हैं। आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि शहरी विकास मंत्रालय इस मामले में ऑनरेबल लैफ्टिनेंट गवर्नर को इंटरफेयर करने की इजाज़त दे। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के माध्यम से इंटरफेयरेंस कर ही रहे हैं। 30 लाख लोग दिल्ली के अनार्की मुख्यमंत्री के कारण नारकीय जीवन जी रहे हैं। उन कॉलोनियों में न पानी है, न पानी की निकासी है, न सीवर का काम चल रहा है। मैडम, इस तरफ ध्यान दिलवाया जाए। आपने मुझे बोलने का मौका दिया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं

श्री शरद त्रिपाठी को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान  की जाती है।

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श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : धन्यवाद माननीय अध्यक्ष जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया है।

          मैडम, मैं आपके माध्यम से अपनी बात रखता हूं । दिल्ली में 30 लाख लोग अनाधिकृत बस्तियों में रहते हैं। वे नारकीय जीवन जी रहे हैं। दिल्ली के अंदर 48 हजार करोड़ रुपये का फंड है। वर्ष 2014 में जब केंद्र में माननीय मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तो दिल्ली में किस का शासन लागू था? उन 9 महीनों के दौरान जल बोर्ड के माध्यम से 1,20,000 हजार करोड़ रुपये अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ की सीवर के लिए सैंक्शन कराया गया था । दिल्ली के मुख्यमंत्री इन अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ में पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं हैं। जब लोग वहां जाकर उनसे कहते हैं, तो वे बार-बार कहते हैं कि केंद्र सरकार मेरे काम को रोक रही है। मैडम, वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के चेयरपर्सन हैं। आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि शहरी विकास मंत्रालय इस मामले में ऑनरेबल लैफ्टिनेंट गवर्नर को इंटरफेयर करने की इजाज़त दे। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के माध्यम से इंटरफेयरेंस कर ही रहे हैं। 30 लाख लोग दिल्ली के अनार्की मुख्यमंत्री के कारण नारकीय जीवन जी रहे हैं। उन कॉलोनियों में न पानी है, न पानी की निकासी है, न सीवर का काम चल रहा है। मैडम, इस तरफ ध्यान दिलवाया जाए। आपने मुझे बोलने का मौका दिया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं

श्री शरद त्रिपाठी को श्री रमेश बिधूड़ी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान  की जाती है।

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श्री रमेश बिधूड़ी (दक्षिण दिल्ली) : धन्यवाद माननीय अध्यक्ष जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया है।

          मैडम, मैं आपके माध्यम से अपनी बात रखता हूं । दिल्ली में 30 लाख लोग अनाधिकृत बस्तियों में रहते हैं। वे नारकीय जीवन जी रहे हैं। दिल्ली के अंदर 48 हजार करोड़ रुपये का फंड है। वर्ष 2014 में जब केंद्र में माननीय मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तो दिल्ली में किस का शासन लागू था? उन 9 महीनों के दौरान जल बोर्ड के माध्यम से 1,20,000 हजार करोड़ रुपये अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ की सीवर के लिए सैंक्शन कराया गया था । दिल्ली के मुख्यमंत्री इन अनऑथराइज़्ड कॉलोनीज़ में पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं हैं। जब लोग वहां जाकर उनसे कहते हैं, तो वे बार-बार कहते हैं कि केंद्र सरकार मेरे काम को रोक रही है। मैडम, वे स्वयं दिल्ली जल बोर्ड के चेयरपर्सन हैं। आपके माध्यम से मेरा निवेदन है कि शहरी विकास मंत्रालय इस मामले में ऑनरेबल लैफ्टिनेंट गवर्नर को इंटरफेयर करने की इजाज़त दे। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के माध्यम से इंटरफेयरेंस कर ही रहे हैं। 30 लाख लोग दिल्ली के अनार्की मुख्यमंत्री के कारण नारकीय जीवन जी रहे हैं। उन कॉलोनियों में न पानी है, न पानी की निकासी है, न सीवर का काम चल रहा है। मैडम, इस तरफ ध्यान दिलवाया जाए। आपने मुझे बोलने का मौका दिया, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष :

 कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं

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