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Sixteenth Loksabha

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Title: Issue regarding ill-bhaviour meted out to people beloning to North-Eastern states.

श्रीमती विजया चक्रवर्ती (गुवाहाटी): मैडम, मैं एक विषय सदन के सामने रखना चाहती हूं। आप लोग जानते हैं कि नॉर्थ-ईस्ट के स्टूडेंट्स हों या यहां पर काम करने वाले लोग हों, वे लोग यहां पर बार-बार अत्याचार के शिकार होते हैं। यहां जो महिला काम करती है, चाहे वह मणिपुर की हो, नागालैण्ड की हो या असम की हो, उनके साथ लोग गलत काम करते हैं और उनकी पिटाई कर उन्हें गंभीर इंज्यूरी में ढकेल दिया जाता है।

          ऐसे ही एक लोग हैं, जिनके पिता जी श्री अब्बास अहमद एक नेशनल चैम्पियन थे। उनके पुत्र का नाम है अरबाज़ अहमद। वे 21 साल के एक नौजवान हैं और उन्होंने लाजपत नगर में रहकर अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने कुछ भी नहीं किया और वे केवल अपनी बाल्कनी में खड़े थे। कई गुंडों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की और बुरी तरह उन्हें ज़ख्मी कर दिया। उन लोगों ने उनके हाथ तोड़ डाले, पैर तोड़ डाले और उनके ज़ॉ का पूरा एरिया भी पूरा-पूरा तोड़ डाला। अभी वे गंगाराम हॉस्पीटल में भर्ती हैं और अभी तक पुलिस ने इस पर केस नहीं लिया है। यह सबसे दुःख की बात है। पुलिस ने कहा कि उन्हें यहां लेकर आओ। वे बिस्तर में हैं, आई.सी.यू. में हैं। वे पुलिस थाना में कैसे जाएंगे? मैं सरकार को दोष नहीं दे रही हूं, लेकिन पुलिस तो अपनी कार्रवाई कर सकती है, ताकि नॉर्थ-ईस्ट के लोग यहां पर शांति से वास कर सकें। हर बार इस तरह का अटैक नॉर्थ-ईस्ट के लोगों पर ही होता है।

          स्पीकर मैडम, मैं आपके थ्रू यह विनती करती हूं कि जिस गुंडे ने उस नौज़वान की पिटाई की और उसे आई.सी.यू. में जाना पड़ा, पुलिस इस पर कार्रवाई करके उन गुंडों को अरेस्ट करे।  

माननीय अध्यक्ष :

 

डॉ. किरिट पी. सोलंकी को श्रीमती विजया चक्रवर्ती द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

 

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Title: Issue regarding ill-bhaviour meted out to people beloning to North-Eastern states.

श्रीमती विजया चक्रवर्ती (गुवाहाटी): मैडम, मैं एक विषय सदन के सामने रखना चाहती हूं। आप लोग जानते हैं कि नॉर्थ-ईस्ट के स्टूडेंट्स हों या यहां पर काम करने वाले लोग हों, वे लोग यहां पर बार-बार अत्याचार के शिकार होते हैं। यहां जो महिला काम करती है, चाहे वह मणिपुर की हो, नागालैण्ड की हो या असम की हो, उनके साथ लोग गलत काम करते हैं और उनकी पिटाई कर उन्हें गंभीर इंज्यूरी में ढकेल दिया जाता है।

          ऐसे ही एक लोग हैं, जिनके पिता जी श्री अब्बास अहमद एक नेशनल चैम्पियन थे। उनके पुत्र का नाम है अरबाज़ अहमद। वे 21 साल के एक नौजवान हैं और उन्होंने लाजपत नगर में रहकर अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने कुछ भी नहीं किया और वे केवल अपनी बाल्कनी में खड़े थे। कई गुंडों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की और बुरी तरह उन्हें ज़ख्मी कर दिया। उन लोगों ने उनके हाथ तोड़ डाले, पैर तोड़ डाले और उनके ज़ॉ का पूरा एरिया भी पूरा-पूरा तोड़ डाला। अभी वे गंगाराम हॉस्पीटल में भर्ती हैं और अभी तक पुलिस ने इस पर केस नहीं लिया है। यह सबसे दुःख की बात है। पुलिस ने कहा कि उन्हें यहां लेकर आओ। वे बिस्तर में हैं, आई.सी.यू. में हैं। वे पुलिस थाना में कैसे जाएंगे? मैं सरकार को दोष नहीं दे रही हूं, लेकिन पुलिस तो अपनी कार्रवाई कर सकती है, ताकि नॉर्थ-ईस्ट के लोग यहां पर शांति से वास कर सकें। हर बार इस तरह का अटैक नॉर्थ-ईस्ट के लोगों पर ही होता है।

          स्पीकर मैडम, मैं आपके थ्रू यह विनती करती हूं कि जिस गुंडे ने उस नौज़वान की पिटाई की और उसे आई.सी.यू. में जाना पड़ा, पुलिस इस पर कार्रवाई करके उन गुंडों को अरेस्ट करे।  

माननीय अध्यक्ष :

 

डॉ. किरिट पी. सोलंकी को श्रीमती विजया चक्रवर्ती द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

 

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Title: Issue regarding ill-bhaviour meted out to people beloning to North-Eastern states.

श्रीमती विजया चक्रवर्ती (गुवाहाटी): मैडम, मैं एक विषय सदन के सामने रखना चाहती हूं। आप लोग जानते हैं कि नॉर्थ-ईस्ट के स्टूडेंट्स हों या यहां पर काम करने वाले लोग हों, वे लोग यहां पर बार-बार अत्याचार के शिकार होते हैं। यहां जो महिला काम करती है, चाहे वह मणिपुर की हो, नागालैण्ड की हो या असम की हो, उनके साथ लोग गलत काम करते हैं और उनकी पिटाई कर उन्हें गंभीर इंज्यूरी में ढकेल दिया जाता है।

          ऐसे ही एक लोग हैं, जिनके पिता जी श्री अब्बास अहमद एक नेशनल चैम्पियन थे। उनके पुत्र का नाम है अरबाज़ अहमद। वे 21 साल के एक नौजवान हैं और उन्होंने लाजपत नगर में रहकर अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने कुछ भी नहीं किया और वे केवल अपनी बाल्कनी में खड़े थे। कई गुंडों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की और बुरी तरह उन्हें ज़ख्मी कर दिया। उन लोगों ने उनके हाथ तोड़ डाले, पैर तोड़ डाले और उनके ज़ॉ का पूरा एरिया भी पूरा-पूरा तोड़ डाला। अभी वे गंगाराम हॉस्पीटल में भर्ती हैं और अभी तक पुलिस ने इस पर केस नहीं लिया है। यह सबसे दुःख की बात है। पुलिस ने कहा कि उन्हें यहां लेकर आओ। वे बिस्तर में हैं, आई.सी.यू. में हैं। वे पुलिस थाना में कैसे जाएंगे? मैं सरकार को दोष नहीं दे रही हूं, लेकिन पुलिस तो अपनी कार्रवाई कर सकती है, ताकि नॉर्थ-ईस्ट के लोग यहां पर शांति से वास कर सकें। हर बार इस तरह का अटैक नॉर्थ-ईस्ट के लोगों पर ही होता है।

          स्पीकर मैडम, मैं आपके थ्रू यह विनती करती हूं कि जिस गुंडे ने उस नौज़वान की पिटाई की और उसे आई.सी.यू. में जाना पड़ा, पुलिस इस पर कार्रवाई करके उन गुंडों को अरेस्ट करे।  

माननीय अध्यक्ष :

 

डॉ. किरिट पी. सोलंकी को श्रीमती विजया चक्रवर्ती द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

 

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