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Sixteenth Loksabha

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Title: The Minister of Home Affairs made a statement on his recent visit to Pakistan to attend the 7th meeting of SAARC Ministers of Interior/Home.

गृह मंत्री (श्री राजनाथ सिंह) :  अध्यक्ष महोदया, मैं 4 अगस्त को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए गृह मंत्रियों के सार्क सम्मेलन में स्टेटमेंट देने के लिए सदन में खड़ा हुआ हूं।

          सार्क गृह मंत्रियों की 7वीं बैठक में मैंने दिनांक 4.8.2016 को भाग लिया। इस बैठक में मुख्य एजेंडा आतंकवाद, नार्कोटिक्स, ड्रग्स की तस्करी, साइबर क्राइम और ह्यूमन ट्रैफिकिंग था। लगभग सभी देशों ने आतंकवाद की घोर भर्त्सना की।

          भारत की ओर से मैंने आतंकवाद पर विशेष बल दिया। मुझे विश्वास है कि इस सदन के सभी सदस्य इस बात से सहमत होंगे, क्योंकि दक्षिण एशिया में शांति और खुशहाली के लिए सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। मैंने इस बुराई को जड़ सहित उखाड़ फेंकने का पक्का संकल्प करने का आह्वान किया। सार्क के सभी सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे आतंकवाद को न तो ग्लोरीफाई करें, न ही पैट्रोनेज दें। एक देश का आतंकवादी किसी के लिए भी मार्टियर या स्वतंत्रता सेनानी नहीं हो सकता।

           माननीय अध्यक्ष महोदया, आतंकवाद को बढ़ावा नहीं मिले, इस हेतु मैंने कहा कि जरूरी है कि न सिर्फ आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध, बल्कि उन्हें समर्थन देने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों और राष्ट्रों के विरुद्ध भी कठोर से कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। आतंकवाद की हैवानियत से तभी निपटा जा सकेगा। इसके अलावा मैंने सार्क के गृह मंत्रियों की इस बैठक में भारत की ओर से निम्न सुझाव रखे:-

 (i).     आतंकवादियों पर विश्व समुदाय की सहमति से लगाए गए प्रतिबंध का सम्मान किया जाए।

 (ii).    अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद करने की भूल कदापि न की जाए।

 (iii).    आतंकवाद को बढ़ावा या समर्थन देने वाले सभी States  अथवा Non-states actor  के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 (iv).    आतंकवाद में सम्मिलित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और जो अपेक्षित हैं, उनका Extradition, यानी प्रत्यर्पण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे कानून से न बच पाएं, क्योंकि कई लोगों के प्रत्यर्पण, यानी   Extradition के बारे में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पहले से ही लिख रखा है और उसके लिए प्रयत्नशील है।

 (v).   SAARC Convention on Mutual Assistance on Criminal Matters को उन देशों द्वारा   Ratify  किया जाना आवश्यक है, जिन्होंने अब तक इसको Ratify नहीं किया है।

 (vi).    SAARC Terrorist Offences Monotoring Desk (STOMD)  और   SAARC Drug Offences Monitoring Desk (SDOMD)  को उन देशों की सहमति की आवश्यकता है, जिन्होंने अब तक इस पर अपनी सहमति नहीं दी है।

          मैंने भारत में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु Track Child और   Operation Smile  जैसे उठाए गए कदमों की ओर सार्क गृह मंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। भारत द्वारा ईमानदार, Transparent और Accountable Governance  हेतु जनधन योजना और आधार जैसे कार्यक्रमों से भी सार्क गृह मंत्रियों को अवगत कराया।

          भारत की ओर से सार्क गृह सचिवों एवं गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत द्वारा निम्न   Initiatives  की भी घोषणा की गई :-

 1.        STOMD और SDOMD  को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु भारत की ओर से तकनीकी सहायता।

2.       भारत में 22-23 सितम्बर को SAARC Anti Terrorism Mechanism के   Experts की बैठक का आयोजन। सौभाग्य से, सभी सदस्य देशों ने इस बैठक में भाग लेने पर अपनी सहमति दी।

3.       नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु भारत द्वारा SAARC सदस्य देशों के अधिकारियों को विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण।

4.       सार्क देशों की   Computer Emergency Response Teams (CERTs) की पहली बैठक भारत में आयोजित की जाए, यह प्रस्ताव भी मैंने वहां रखा।

          जहां तक हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान का सवाल है, मैं माननीय सदस्यों को बताना चाहूंगा कि   SAARC Convention on Mutual Assistance on Criminal Matters को उसने अब तक   Ratify  नहीं किया है।   STOMD  और  SDOMD  हेतु भी उनकी सहमति अभी शेष है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि वे इस ओर शीघ्र कार्रवाई करेंगे, और मैं आशा करता हूं कि यह शीघ्र,  वास्तव में शीघ्र होगा।

          माननीय अध्यक्ष महोदया, दक्षिण एशिया क्षेत्र समेत पूरी दुनिया में आतंकवाद के गहरे बादल मंडरा रहे हैं। पूरी   World Community इस गंभीर खतरे से बेहत चिंतित है, ऐसा सर्व विदित है। यह इस बात से भी स्पष्ट है कि भारत ने तो इस मानवता विरोधी खतरे पर अपना स्पष्ट   Message तो दिया ही, साथ में लगभग सभी सदस्य देशों ने भी इस हैवानियत पर अपनी चिंता व्यक्त की।

          माननीय अध्यक्ष महोदया, मैं इस बात पर भी बल देना चाहता हूं कि भारत का यह   Message मानवता की खातिर और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए है। माननीय सदस्य इस बात पर सहमत होंगे कि प्रमुख रूप से आतंकवाद ही मानवाधिकारों का सबसे बड़ा दुश्मन है। धन्यवाद।…(व्यवधान)

 

[ Placed in Library, See No. LT 5044/16/16]

 

 

 


माननीय अध्यक्ष :  नहीं। इस पर प्रश्न नहीं होते हैं। यदि आप कोई डिसकशन चाहते हैं, तो कृपया नोटिस दे दीजिए।   No Question on this.     आइटम नं. 8. श्री अनन्त कुमार जी।

 

 

 


 

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Title: The Minister of Home Affairs made a statement on his recent visit to Pakistan to attend the 7th meeting of SAARC Ministers of Interior/Home.

गृह मंत्री (श्री राजनाथ सिंह) :  अध्यक्ष महोदया, मैं 4 अगस्त को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए गृह मंत्रियों के सार्क सम्मेलन में स्टेटमेंट देने के लिए सदन में खड़ा हुआ हूं।

          सार्क गृह मंत्रियों की 7वीं बैठक में मैंने दिनांक 4.8.2016 को भाग लिया। इस बैठक में मुख्य एजेंडा आतंकवाद, नार्कोटिक्स, ड्रग्स की तस्करी, साइबर क्राइम और ह्यूमन ट्रैफिकिंग था। लगभग सभी देशों ने आतंकवाद की घोर भर्त्सना की।

          भारत की ओर से मैंने आतंकवाद पर विशेष बल दिया। मुझे विश्वास है कि इस सदन के सभी सदस्य इस बात से सहमत होंगे, क्योंकि दक्षिण एशिया में शांति और खुशहाली के लिए सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। मैंने इस बुराई को जड़ सहित उखाड़ फेंकने का पक्का संकल्प करने का आह्वान किया। सार्क के सभी सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे आतंकवाद को न तो ग्लोरीफाई करें, न ही पैट्रोनेज दें। एक देश का आतंकवादी किसी के लिए भी मार्टियर या स्वतंत्रता सेनानी नहीं हो सकता।

           माननीय अध्यक्ष महोदया, आतंकवाद को बढ़ावा नहीं मिले, इस हेतु मैंने कहा कि जरूरी है कि न सिर्फ आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध, बल्कि उन्हें समर्थन देने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों और राष्ट्रों के विरुद्ध भी कठोर से कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। आतंकवाद की हैवानियत से तभी निपटा जा सकेगा। इसके अलावा मैंने सार्क के गृह मंत्रियों की इस बैठक में भारत की ओर से निम्न सुझाव रखे:-

 (i).     आतंकवादियों पर विश्व समुदाय की सहमति से लगाए गए प्रतिबंध का सम्मान किया जाए।

 (ii).    अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद करने की भूल कदापि न की जाए।

 (iii).    आतंकवाद को बढ़ावा या समर्थन देने वाले सभी States  अथवा Non-states actor  के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 (iv).    आतंकवाद में सम्मिलित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और जो अपेक्षित हैं, उनका Extradition, यानी प्रत्यर्पण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे कानून से न बच पाएं, क्योंकि कई लोगों के प्रत्यर्पण, यानी   Extradition के बारे में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पहले से ही लिख रखा है और उसके लिए प्रयत्नशील है।

 (v).   SAARC Convention on Mutual Assistance on Criminal Matters को उन देशों द्वारा   Ratify  किया जाना आवश्यक है, जिन्होंने अब तक इसको Ratify नहीं किया है।

 (vi).    SAARC Terrorist Offences Monotoring Desk (STOMD)  और   SAARC Drug Offences Monitoring Desk (SDOMD)  को उन देशों की सहमति की आवश्यकता है, जिन्होंने अब तक इस पर अपनी सहमति नहीं दी है।

          मैंने भारत में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु Track Child और   Operation Smile  जैसे उठाए गए कदमों की ओर सार्क गृह मंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। भारत द्वारा ईमानदार, Transparent और Accountable Governance  हेतु जनधन योजना और आधार जैसे कार्यक्रमों से भी सार्क गृह मंत्रियों को अवगत कराया।

          भारत की ओर से सार्क गृह सचिवों एवं गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत द्वारा निम्न   Initiatives  की भी घोषणा की गई :-

 1.        STOMD और SDOMD  को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु भारत की ओर से तकनीकी सहायता।

2.       भारत में 22-23 सितम्बर को SAARC Anti Terrorism Mechanism के   Experts की बैठक का आयोजन। सौभाग्य से, सभी सदस्य देशों ने इस बैठक में भाग लेने पर अपनी सहमति दी।

3.       नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु भारत द्वारा SAARC सदस्य देशों के अधिकारियों को विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण।

4.       सार्क देशों की   Computer Emergency Response Teams (CERTs) की पहली बैठक भारत में आयोजित की जाए, यह प्रस्ताव भी मैंने वहां रखा।

          जहां तक हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान का सवाल है, मैं माननीय सदस्यों को बताना चाहूंगा कि   SAARC Convention on Mutual Assistance on Criminal Matters को उसने अब तक   Ratify  नहीं किया है।   STOMD  और  SDOMD  हेतु भी उनकी सहमति अभी शेष है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि वे इस ओर शीघ्र कार्रवाई करेंगे, और मैं आशा करता हूं कि यह शीघ्र,  वास्तव में शीघ्र होगा।

          माननीय अध्यक्ष महोदया, दक्षिण एशिया क्षेत्र समेत पूरी दुनिया में आतंकवाद के गहरे बादल मंडरा रहे हैं। पूरी   World Community इस गंभीर खतरे से बेहत चिंतित है, ऐसा सर्व विदित है। यह इस बात से भी स्पष्ट है कि भारत ने तो इस मानवता विरोधी खतरे पर अपना स्पष्ट   Message तो दिया ही, साथ में लगभग सभी सदस्य देशों ने भी इस हैवानियत पर अपनी चिंता व्यक्त की।

          माननीय अध्यक्ष महोदया, मैं इस बात पर भी बल देना चाहता हूं कि भारत का यह   Message मानवता की खातिर और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए है। माननीय सदस्य इस बात पर सहमत होंगे कि प्रमुख रूप से आतंकवाद ही मानवाधिकारों का सबसे बड़ा दुश्मन है। धन्यवाद।…(व्यवधान)

 

[ Placed in Library, See No. LT 5044/16/16]

 

 

 


माननीय अध्यक्ष :  नहीं। इस पर प्रश्न नहीं होते हैं। यदि आप कोई डिसकशन चाहते हैं, तो कृपया नोटिस दे दीजिए।   No Question on this.     आइटम नं. 8. श्री अनन्त कुमार जी।

 

 

 


 

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