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Sixteenth Loksabha

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Title: Regarding including Bhojpuri language in the Eight Schedule of the constitution.

 

श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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Title: Regarding including Bhojpuri language in the Eight Schedule of the constitution.

 

श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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Title: Regarding including Bhojpuri language in the Eight Schedule of the constitution.

 

श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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श्री मनोज तिवारी (उत्तर पूर्व दिल्ली) : स्पीकर मैडम, बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं आपका ध्यान देश के 22 करोड़ लोगों के दर्द की तरफ खींचना चाहता हूं।...(व्यवधान) भोजपुरी एक ऐसी भा­षा है, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री लगभग चार लाख लोगों को डायरेक्ट काम देती है। लेकिन, संसद में इस आश्वासन के बाद भी कि हम संविधान की आठवीं अनुसूची में आएंगे, हम अभी तक नहीं आ पाए हैं। जब हमारा विमान गायब होता है तो भी गांव की महिलाएं उसी भा­षा में गीत गाकर ईश्वर को मनाती हैं।

          हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि अब यह समय आ गया है। यह भा­ाा देश के बाहर बारह देशों में बोली जाती है। कोई भी भा­षा, चाहे वह राजस्थानी हो, भोटी हो, कम से कम देश की भा­षा, जो बाहर के देशों में बोली जाती है, उसको संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करा दें। पूरे 22 करोड़ लोग आपके आभारी रहेंगे।

माननीय अध्यक्ष : श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री शरद त्रिपाठी, श्री भैरों प्रसाद मिश्र और कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री मनोज तिवारी द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

          श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान।

 

 

 

 

 

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