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Seventeenth Loksabha

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Title: Need to include spiritual circuit of Ashtavinayak temples in Maharashtra under Swadesh Darshan Scheme.

 

श्री मनोज कोटक (मुम्बई उत्तर-पूर्व):  मैं सरकर का ध्यान महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों को भारत सरकार की योजना स्वदेश दर्शन के अंतर्गत स्प्रीचूअल सर्किट में शामिल करने की और दिलाना चाहता हूँ । अष्टविनायक यात्रा में महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध आठ गणपति मंदिर शामिल हैं जो आठ अलग अलग स्थानों पर स्थित है । ये अष्टविनायक मंदिर मोरगाँव, राजणगाँव, तीरू, लेणयाद्रि, ओझर, शिद्धअष्टक, पाली और महोड़ में स्थित है। ये सभी तीर्थ स्थल पुणे, अहमदनगर और रायगढ़ जिलों में स्थित हैं।

यदि सरकार इन अष्टविनायक मंदिरों को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करती है तो इन तीर्थ स्थलों का इनफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और तीर्थ स्थल पहुँचने तक के साधनों का पुनरुद्धार होगा। जहां महाराष्ट्र के भक्तों के लिए यह एक अनमोल उपहार होगा साथ ही साथ पूरे भारत में भक्त भी इन अष्टविनायक मंदिरों तक पहुँच पाएंगे और दर्शन कर सकेंगे। अब तक सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत एक ही स्प्रीचुअल सर्किट को महाराष्ट्र राज्य में शामिल किया है। इसलिए मेरी माननीय मंत्री जी से मांग है कि अष्टविनायक मंदिरों को तुरंत स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किया जाए।


 

 

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Title: Need to include spiritual circuit of Ashtavinayak temples in Maharashtra under Swadesh Darshan Scheme.

 

श्री मनोज कोटक (मुम्बई उत्तर-पूर्व):  मैं सरकर का ध्यान महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों को भारत सरकार की योजना स्वदेश दर्शन के अंतर्गत स्प्रीचूअल सर्किट में शामिल करने की और दिलाना चाहता हूँ । अष्टविनायक यात्रा में महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध आठ गणपति मंदिर शामिल हैं जो आठ अलग अलग स्थानों पर स्थित है । ये अष्टविनायक मंदिर मोरगाँव, राजणगाँव, तीरू, लेणयाद्रि, ओझर, शिद्धअष्टक, पाली और महोड़ में स्थित है। ये सभी तीर्थ स्थल पुणे, अहमदनगर और रायगढ़ जिलों में स्थित हैं।

यदि सरकार इन अष्टविनायक मंदिरों को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करती है तो इन तीर्थ स्थलों का इनफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और तीर्थ स्थल पहुँचने तक के साधनों का पुनरुद्धार होगा। जहां महाराष्ट्र के भक्तों के लिए यह एक अनमोल उपहार होगा साथ ही साथ पूरे भारत में भक्त भी इन अष्टविनायक मंदिरों तक पहुँच पाएंगे और दर्शन कर सकेंगे। अब तक सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत एक ही स्प्रीचुअल सर्किट को महाराष्ट्र राज्य में शामिल किया है। इसलिए मेरी माननीय मंत्री जी से मांग है कि अष्टविनायक मंदिरों को तुरंत स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किया जाए।


 

 

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